साँस आपका कोमल मार्गदर्शक है — हमेशा मौजूद, हमेशा सहारा देने वाला। आपको इसे बदलने की ज़रूरत नहीं — बस महसूस करें, उसका साथ दें, और उसे अपना साथी बनाएं। चाहे आप बॉक्स ब्रीदिंग करें, 4–6 ब्रीदिंग या गिनती के साथ साँस लें — आप हर साँस के साथ खुद से जुड़ रहे हैं।
अगले ब्लॉग में हम जानेंगे कि इस अभ्यास को रोज़ की आदत कैसे बनाएं — बिना दबाव, बिना गिल्ट, और बिना परफेक्शन के।